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डीएम के सीएचसी रानीगंज के औचक निरीक्षण से डाक्टरों व कर्मचारियों में मचा हड़कंप

डीएम ने अवैध रूप से संचालित 3 मेडिकल स्टोरो को करवाया सीज,दवाओं को कराया गया जब्त

डीएम ने अधीक्षक को लगायी कड़ी फटकार व फार्मासिस्ट के विरूद्ध निलम्बन की कार्रवाई का दिया निर्देश

गौरव तिवारी जिला संवाददाता प्रतापगढ़।

प्रतापगढ़। जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रानीगंज का औचक निरीक्षण किया गया, डीएम के अचानक निरीक्षण से सीएचसी के डॉक्टरों और कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सीएचसी गेट के सामने अवैध रूप से तीन मेडिकल स्टोर संचालित थे जिस पर डीएम ने तत्काल मेडिकल स्टोर को सीज करने व दवाओं को जब्त करने तथा सम्बन्धित ड्रग इन्सपेक्टर को लिखित चेतावनी जारी करने का निर्देश दिये गये।

बाइट– शिव सहाय अवस्थी जिला अधिकारी प्रतापगढ़ 

डीएम ने सीएमओ के द्वारा समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश जारी किया जाये कि किसी भी सीएचसी/पीएचसी के सामने अवैध रूप से मेडिकल स्टोर संचालित न किये जाये, यदि ऐसा कोई करता है तो तत्काल मेडिकल स्टोर के संचालक के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाये। सीएचसी में आये हुये मरीजों से डीएम ने उनके स्वास्थ्य व मिलने वाली दवाओं के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। उसके उपरान्त दवा वितरण काउन्टर पर जाकर दवाओं की जांच की और स्टाक रूम में को देखा जो पीछे रैक लगी थी उनमें दवाओं के नाम अंकित थे परन्तु मौके पर कुछ रैकों में सम्बन्धित दवायें नही पायी गयी और पाया गया कि प्रभारी चिकित्साधिकारी द्वारा स्टाक रजिस्टर का सत्यापन नही किया गया है, स्टाक रजिस्टर में दवाओं की इन्ट्री सही नही पायी गयी। चीफ फार्मासिस्ट के निरीक्षण में पाया गया कि पैरासीटामॉल की दवा एक फरवरी से उपलब्ध नही है और इसके डिमाण्ड के सम्बन्ध में जानकारी ली गयी तो बताया गया कि 13 जनवरी को पत्र प्रेषित किया गया है परन्तु अभी तक प्राप्त नही हुई है। सीएचसी के निरीक्षण में पाया गया कि जो दवाओं की उपलब्धता की लिस्ट चस्पा थी उसमें दिखाया गया था कि दवा उपलब्ध है परन्तु निरीक्षण में पैरासीटामॉल दवा नही मिली। अलमारी में रखे गये हीमो मीटर 2 दिखाये गये परन्तु मौके पर 1 पाया गया। इसी प्रकार विभिन्न दवाओं के स्टाक रजिस्टर को देखा गया जो स्टाक के अनुरूप दवाओं की उपलब्धता कम पायी गयी और फार्मासिस्ट को दवाओं की उपलब्धता के सम्बन्ध में जानकारी भी नही थी जिस पर डीएम ने फार्मासिस्ट राजेश कुमार के विरूद्ध निलम्बन की कार्रवाई हेतु निर्देशित किया।

निरीक्षण में पाया गया कि डा0 दिनेश सिंह 2 दिन ट्रामा सेन्टर में ओपीडी का कार्य करते है अन्य दिनों में सीएचसी में ओपीडी का कार्य करते है जिस पर डीएम ने निर्देशित किया डा0 दिनेश सिंह की नियुक्ति ट्रामा सेन्टर में ही कर दी जाये। सीएचसी में उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन किया गया तो सीएचसी के 03 डाक्टर रतीस कुमार मिश्रा, डा0 उपेन्द्र राय, डा0 वर्तिका सिंह तथा कर्मचारियों में डा0 सुषमा, डा0 आशुतोष पाण्डेय व डा0 हर्ष पाण्डेय अनुपस्थित पाये गये जिस पर सम्बन्धित डाक्टरों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने व 01 दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिये गये। सीएचसी में बने शौचालय का निरीक्षण किया गया तो पाया गया कि दरवाजा टूटा हुआ है और साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक नही है तथा निष्प्रयोज्य सामान पाये गये। सीएचसी में ओपीडी चलाने हेतु उपयुक्त स्थान नही मिला जिस पर निर्देशित किया कि नवनिर्मित भवन के हैण्डओवर होने पर ओपीडी कार्य सभी डाक्टर करें। निरीक्षण के दौरान जन औषधि केन्द्र में ताला लगा हुआ था जिस पर सम्बन्धित के विरूद्ध कार्रवाई हेतु निर्देशित किया। सीएचसी में कितनी प्रकार की जांचे होती है अधीक्षक से पूछा गया तो उन्हें जानकारी नही थी।

सीएचसी में व्यवस्थायें ठीक न मिलने पर डीएम ने अधीक्षक को कड़ी फटकार लगायी और निर्देशित किया कि सीएचसी की मानीटरिंग निरन्तर करते रहे और बेहतर सुविधायें उपलब्ध करायें। सीएचसी पर विद्यालयों के छात्राओं को जो ट्रेनिंग दी जा रही थी उसके सम्बन्ध में जानकारी ली और निर्देशित किया कि जो छात्रायें लगातार अनुपस्थित है उन विद्यालयों को पत्र प्रेषित किया जाये। सीएचसी में एनवीएसयू कक्ष, स्टाक ड्यिटी रूम, एक्सरे कक्ष, लेबर रूम, जनरल वार्ड, इमरजेन्सी वार्ड, कोल्ड चैन कक्ष, ओटी काम्प्लेक्स आदि का निरीक्षण किया गया जिसमें व्यवस्थायें ठीक पायी गयी। सीएचसी परिसर का निरीक्षण कर डीएम ने अभियन चलाकर साफ-सफाई व पेयजल तथा मरीजों के बैठने की व्यवस्था हेतु निर्देशित किया। कार्यदायी संस्था द्वारा बाउण्ड्री तोड़ दी गयी थी जिसको पुनः निर्माण कराने के निर्देश दिये। सीएचसी के बगल नवनिर्मित पब्लिक हेल्थ यूनिट बनकर तैयार है परन्तु अभी तक हैण्डओवर नही किया गया है जिस पर डीएम ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि लैब व फार्मेसी को नवनिर्मित भवन में शिफ्ट किया जाये। इसके उपरान्त डीएम ने डाक्टरों के आवास के कैम्पस का निरीक्षण किया जो काफी खराब स्थिति में मिला जिस पर डाक्टर के कैम्पस की साफ-सफाई, रंगाई पुताई आदि के कार्य कराने के निर्देश दिये गये। उन्होने कहा कि कैम्पस में जो लोग बगैर अनुमति के रह रहे है उन्हें नोटिस निर्गत की जाये और जो 03 एम्बुलेन्स निष्प्रयोज्य है उनके सम्बन्ध मेंं आवश्यक कार्यवाही की जाये।

उसके उपरान्त डीएम द्वारा नगर पंचायत कार्यालय रानीगंज का निरीक्षण किया गया। नगर पंचायत के बगल में अमृत सरोवर था परन्तु उसमें पानी नही भरा था जिस पर ईओ रानीगंज को चेतावनी निर्गत करते हुये कहा कि 03 दिवस के अन्दर अमृत सरोवर पानी भराया जाये। नगर पंचायत कार्यालय कैम्पस की साफ-सफाई कराने और अभियान चलाकर पौधरोपण कराया जाये। डीएम ने इस दौरान नगर पंचायत रानीगंज में संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रगति के सम्बन्ध में ईओ रानीगंज से जानकारी ली और कार्यालय के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

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